In Maharashtra, Gram Sabhas defeat BJP’s destructive mining agenda : gains record victory in 2 zilla parishad, 4 panchayat samiti seats

Share

Courtesy: Press note release by Lalsu Soma Nogoti and english translation by Humans of Gondwana.


In Surjagad and other locations, Gram Sabhas make their positions clear. Defeating BJP’s destructive mining agenda, wins recorded in 2 zilla parishad, 4 panchayat samiti seats.


Gadchiroli 16.02.2017

In a straight defeat of the BJP government’s forceful imposition of the destructive mining agenda, Gram Sabhas gained victory over 2 zilla parishad and 4 panchayat samiti seats. With this, Gram Sabhas have made their positions against mining clear in Surjagad, Damkondavahi, Agri-Maseli and other locations.

Despite strong opposition from the local residents, mining has been launched by the government in Surjagad. Additionally, new mines have been proposed in Damkondvahi, Agri-Maseli and other locations. By doing so, PESA Act, Forest Rights Act and other laws have been violated.

Regardless of Gram Sabhas’ resistance, the government wants to forcefully start the mining project here. And those elected representatives who ought to have stood with the public have now become agents of rich merchants and are involved in forcefully passing the mining proposals.

Therefore, in opposition to mining, Gram Sabhas entered the electoral fray. And, they put forward the slogan of intensifying their struggle against the Brahminical-capitalist policy of development. And, by winning the election, they gave a referendum for all mines in Gadchiroli district to be cancelled.

We believe that voices of the people has reached the guardians and ministers of Gadchiroli and Bhartiya Janata Party. We appeal to the guardian minister of Gadchiroli to respect the decision of people and stop promoting the anti-people mines.

Cancellation of all proposed mines in the district, effective implementation of the Forest Rights Act and PESA Act, improvement of health and education systems in rural areas and ongoing persecution of adivasi and other communities were the issues on which gram sabhas fought elections. And it is on these issues of the public that gram sabhas and elected representatives will resolve to work in the future too.

In the past few weeks, people’s candidates and gram sabha activists have had to suffer heavy repression. 3 people’s candidates were imprisoned for 15 days under false charges. Because of this repression, people’s candidates did not get time to campaign. In spite of this, gram sabhas showed their solidarity. In other locations too, gram sabhas have won good number of votes and they have been instrumental in defeating  BJP. Communist Party of India, Bharipa Bahujan Mahasangh, Bahujan Republican Socialist Party and other progressive party organisations shared their support to gram sabha candidates who fought as people’s candidates.

This is not the end of our struggle, but a sign of the robust struggle of people. Our struggle against mining and displacement and will continued with an increased vigor.

Jai Seva. Jai Johar. Jai Bhim. Inquilab Zindabad.


Elected representatives appointed by people:

Zilla parishad:

Arewada-Nelgunda – Advocate Lalsu Nagoti

Gatta-Udera – Sainu Gota

Panchayat Samiti:

Arewada – Premila Zaru Kudyami

Nelgunda – Sukram Mahagu Madavi

Kothi – Goi Baldev Kodape

Gatta – Sheela Gota


Issued by:

Surjagad Ilaka Paaramparik Gotul Samiti, Bhamragad Patti Paaramparik Gotul Samiti,

Khutgaon, Zada-Papda, Kumkot Paaramparik Gotul Samitis

For more information, contact :

Bavsu Pave – 8275419318

Lalsu Nagoti – 9405130530

 

सूरजागड और अन्य जगहों पर खनन के विरोध में ग्रामसभायो ने की भूमिका स्पष्ट. भाजपा के विनाशकारी शाेषक खनन अजेंडे काे परास्त कर 2 जिला परिषद, 4 पंचायत समिति सीटों पर दर्ज की जीत.
 
गडचिरोली: 16.02.2017
 
भाजपा सरकार द्वारा जबरन थोपे जा रहे विनाशकारी खनन अजेंडे काे सीधे तरीके परास्त करते हुए 2 जिला परिषद, 4 पंचायत समिति सीटों पर ग्रामसभायो ने जीत दर्ज की.
इससे सूरजागड, दमकाेंडवाही, आगरी-मसेली और अन्य जगहों पर खनन के विरोध में ग्रामसभायो ने अपनी भूमिका एकदम स्पष्ट कर दी है.
स्थानीय जनता के भारी विरोध के बावजुद सरकार द्वारा सुरजागढ़ में खदान शुरू किया गया हैं | इसके साथ ही दमकाेंडवाही, आगरी-मसेली व अन्य जगहों पर खदाने प्रस्तावित की गई है. यह करते वक्त पेसा कानून, वन अधिकार कानुन और अन्य कानूनों का उल्लंघन किया है.
ग्रामसभा का विरोध होने के बावजूद सरकार जबरन यहा खदान प्रकल्प शुरू करना चाहती है | और जिन लोकप्रतिनिधियों को जनता का साथ देते हुए उनके साथ खड़ा होना था वे लोकप्रतिनिधि कुछ अमीर व्यापारियों के दलाल बनकर इन खदानों के प्रस्ताव को जबरन पारित करवाने में लगे हुए थे|
इसीलिए खनन के विरोध मे ग्रामसभाए चुनाव मैदान मे उतरी. ब्राम्हणवादी-पुंजीवादी विकास नीति के खिलाफ संघर्ष को और भी तेज करने के नारे को ग्रामसभायो ने आगे रखा. और चुनाव मे जीत दर्ज कर गडचिरोली जिले में प्रस्तवीत सभी खदाने तूरंत रद्द की जाए ये जनमत दिया है.
हमें विश्वास है कि जनता की ये आवाज गडचिरोली के पालकमंत्री और भाजपा के लोगों तक पहुंच गई होगी. हम
गडचिरोली के पालकमंत्री से आवाहन करते है की वो जनता के निर्णय का सम्मान करे और जनविरोधी खनन काे बढ़ावा देना बंद करे.
जिले मे प्रस्तावित सभी खदाने तूरंत रद्द की जाए, पेसा-वन अधिकार कानून का प्रभावी अमल, ग्रामीण क्षेत्रों मे शिक्षा और आरोग्य व्यवस्था में सुधार, आदिवासियों और अन्य समुदायों पर हो रहे दमन के मुद्दों को लेकर ग्रामसभायो ने चुनाव लढा था. और जनता के इन्हीं मुद्दों पर आगे भी काम करने को ग्रामसभा और जनता के प्रतीनीधी प्रतिबंध रहेंगे.
पिछले कुछ हफ्तों से जनता के उमीदवारों और ग्रामसभायो के कार्यकर्ताओं को भारी दमन को झेलना पड़ा है. झुठे आरोप लगाकर जनता के 3 उमीदवारों को 15 दिनों तक जेल में डाल कर रखा था. इस दमन के वजह से ग्रामसभायो को प्रचार के लिए समय नहीं मील पाया. फिर भी ग्रामसभायो ने अपनी एकजुटता दिखाई. अन्य जगहों पर भी ग्रामसभायो ने अच्छे वोट लिए है. और मुलत: भाजपा को परास्त करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
ग्रामसभा उमीदवार, जो जनता के उमीदवार के तौर पर लढ़े. उन्हें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारीप बहुजन महासंघ, बहुजन रिपब्लिक सोशलिस्ट पार्टी और अन्य पूरोगामी पार्टी-संगठनों ने अपना समर्थन साझा किया था.
ये हमारे संघर्ष का अंत नहीं, ये तो जनता के मजबूत संघर्ष का एक प्रतीक है. खनन और विस्थापन के खिलाफ हमारा संघर्ष और भी मजबूती से जारी रहेगा.
जय सेवा, जय जोहार, जय भिम, इंकलाब जिंदाबाद.
 
जनता द्वारा नियुक्त जनता के प्रतिनिधि:
जिला परिषद:
आरेवाडा-नेलगुंडा – अड लालसु नरोटी.
गट्टा- उडेरा – सैनु गोटा
पंचायत समिति:
आरेवाडा- प्रेमिला झरू कुड्यामी
नेलगुंडा- सुकराम महागु मडावी
कोठी- गोई बलदेव कोडापे
गट्टा- शिला गोटा
 
जारीकर्ता:
सूरजागड इलाका पारंपरिक गोटुल समिति; भामरागड पट्टी पारंपरिक गोटुल समिति;
खुटगाव, झाडा-पापडा, कुमकोट इलीका पारंपरिक गोटुल समितियां.
 
अधिक जानकारी के लिए संपर्क कीजिए.
बावसु पावे- 8275419318
लालसु नरोटी- 9405130530

This post has already been read 601 times!


Share

Editor

Editorial Team of Adivasi Resurgence.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *