“धुमकुड़िया—एक आदिवासी संवाद श्रृंखला” अपने दूसरे सम्मेलन के लिए शोध पत्र आमंत्रित करती है

– धुमकुडिया टीम धुमकुड़िया, उराँव जनजाति के बीच एक पारम्परिक शैक्षणिक संस्थान है। आदिवासी के उद्भव से लेकर आज तक आदिवासी

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बच्छराज कुंवर: छत्तीसगढ़ में आदिवासी देवता के ब्राह्मणीकरण का समाज कर रहा विरोध

छत्‍तीसगढ़ के घने जंगल प्राचीन दुनिया से जुड़े कई गहरे इतिहास संजोये हुए हैं। ऐसा ही एक इतिहास है उत्तर

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“आदिवासी जीवन दर्शन हमारे अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण”—यूट्यूबर और संगीतकार नीरज कुमार भगत (NKB) से बातचीत 

उरांव समाज से, घाघरा, गुमला के निवासी—नीरज कुमार भगत, नागपुरी/सादरी के प्रसिद्ध यूट्यूबरर्स में से एक हैं, जो प्रसिद्ध यूट्यूब

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कोयतूरियन जीवन दर्शन की सीख देता ‘छेर छेरता’ पुनेमी पाबुन

छेर छेरता पूनेमी पाबुन जनजातीय लोगों का बहुत ही प्राचीन उत्सव है । यह उत्सव आर्य आगमन के पूर्व से

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