इसका – उसका नही, ये जंगल हमारा है..

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Reena Gote

रीना गोटे कोईतुर समाज की हैं और भिलाई की रहने वाली हैं. वह फ़िलहाल गवर्नमेंट पी जी कॉलेज, जगदलपुर में लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं.

Featured Image courtesy : Souparno Chatterjee, PRADAN


मेरे याया बुबा ने कहा कि यह जंगल हमारा है,
उनके याया बुबा ने कहा था कि यह जंगल हमारा है,
उनके भी याया बुबा ने कहा था कि यह जंगल हमारा है,
हमने भी मान लिया कि यह जंगल हमारा है,

सरकार कहती है कि यह  जंगल हमारा है.
चलो मान भी लिया कि यह जंगल तुम्हारा है।

क्या तुम महसूस करते हो इन जंगलों की आवाज ,

पंक्षियों की धुन, झरनों का इठलाना, पेड़-पौधों की बाते?

क्या तुम्हें पहचान है इन जंगलों के जीव जंतुओं की?
क्या तुम्हें पहचान है इस जंगल का रास्ता कहाँ जाता है?
क्या तुम्हें पहचान है यहाँ के लोगों के संस्कृति की?

न न;  जब तुम्हें इसका दर्द ही नही , तो कैसा तुम्हारा जंगल।

जंगलों को काटकर सड़क बनाने वाले तुम,
जंगलों में आग लगाकर अपनी रोटी सेंकने वाले तुम,
यहां रहने वालों को जंगली, असभ्य,पिछड़ा कहने वाले तुम..

फिर कैसे कह दिये कि यह जंगल तुम्हारा है?

लेकिन इस जंगल की रक्षा करने वाले हम,
उसकी व्यवस्था में चलने वाले हम,
उसकी धरोहर को बचाने वाले हम,
क्योंकि हमारे याया बुबा ने कहा है कि यह जंगल हमारा है.

 

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Reena Gote

रीना गोटे कोईतुर समाज की हैं और भिलाई की रहने वाली हैं. वह फ़िलहाल गवर्नमेंट पी जी कॉलेज, जगदलपुर में लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं.

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